अमेठी सिटी। लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल ट्रैक पर सहालग व रंगों के पर्व होली के कारण यात्रियों की भीड़ गई है। कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाना परदेशियों की यात्रा में बाधा बन रहा है। दिल्ली, मुंबई सहित अन्य स्थानों से आने वाली ट्रेनों में नो रूम या लंबी वेटिंग चल रही है। तत्काल आरक्षण का टिकट पाने के लिए इकलौते बुकिंग काउंटर पर कुछ ही सेकंडों में बुक होने से भी टिकट नहीं मिल पा रहा है। रात भर लाइन लगा कर टिकट की चाह में पहुंचने वालों को सुबह कांउटर खुलते
सिर्फ चार लोगों का ही टिकट बुक हो पा रहा है शेष को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। वैवाहिक कार्यक्रम व त्योहारों को लेकर ट्रेनों में आरक्षित कन्फर्म सीट के लिए मारामारी के हालात है। स्थिति यह है कि घर आने तथा त्योहार के बाद वापस जाने के लिए लोगों को ट्रेनों में सीट नहीं मिल रही है। ट्रैक पर संचालित ट्रेनों में दो माह पूर्व ही सीट की बुकिंग चुके यात्रियों की समस्या बढ़ गयी है।
घर, परिवार या रिश्तेदारी में आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने घर आए लोग वापस मुंबई, दिल्ली गुजरात, हैदराबाद आदि स्थानों पर लौटने की तैयारी करने वालों की राह में कन्फर्म टिकट न मिलने से परेशान हैं। लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल ट्रैक पर संचालित काशी विश्वनाथ, पद्मावत, पंजाब मेल, उद्योग नगरी, भोपाल-प्रतापगढ़, वाराणसी-सूरत-मुबंई स्पेशल समेत अन्य ट्रेनों में बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार व सोमवार तक लंबी वेटिंग चल रही है। कई ट्रेनों में नो रूम तक की स्थिति बनी है। तत्काल कोटे का टिकट लेने के लिए रात भर स्टेशन पर लाइन लगाने के बाद कुछ ही सेकंड में टिकट बुक होने से यहां भी रेल यात्रियों को राहत नहीं मिल पा रही है।
एसी में न स्लीपर कोर्च में मिल रही जगह
शनिवार को तत्काल टिकट के लिए लाइन में लगे लोगों को न तो एसी में जगह मिली और न ही स्लीपर कोच में। ऐसे में कई यात्री मायूस होकर लौट गए। दिल्ली में रहने वाले सारीपुर निवासी अंजनी पांडेय बताया कि तीन दिन से तत्काल कोटे का टिकट लेने के लिए परेशान हैं लेकिन, टिकट नहीं मिल पा रहा है।
सुजानपुर निवासी शफीक मुंबई में रहते हैं। बताया कि वैवहिक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। मुंबई से मालिक का फोन आ रहा है, जाना भी जरुरी है। लेकिन कन्फर्म टिकट नहीं मिलने से लग रहा है कि अब वेटिंग के टिकट पर भीड़ में यात्राा करनी होगी। अन्य परदेशियों का भी यही हाल है।
शनिवार को गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर एसी कोच में तत्काल टिकट के लिए 10 लोगों ने नंबर लगाया था, जिसमें अधिकांश मुंबई, गुजरात आदि क्षेत्रों के लिए जाने वाले थे। लेकिन सिर्फ तीन लोगों के ही टिकट बन सके और बाकी यात्री मायूस रहे। इसी तरह का हाल स्लीपर कोच की भी रहा। स्लीपर में तत्काल टिकट के लिए 20 लोगों ने नंबर लगाया था। इसमें आठ लोगों के ही टिकट बन पाए। स्लीपर कोच में ज्यादा मारामारी रही। अधिकांश यात्रियों को तत्काल का भी टिकट नहीं मिल पाया।
नियमित हो रही बुकिंग
स्टेशन मास्टर प्रवीण सिंह ने बताया कि तत्काल कोटे का टिकट नियमित बुक हो रहा है, लेकिन भीड़ अधिक होने तथा समिति समय में तत्काल कोटे की आरक्षित टिकट बुक हो जा रहे है। फिर भी कोशिश रहती है कि तत्काल कोटे से अधिक से अधिक यात्रियों को टिकट बुक हो सके।