अमेठी सिटी। जिले में रविवार से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। इससे किसान चिंतित हैं। सोमवार सुबह बूंदाबांदी के बीच हल्की ओलावृष्टि भी हुई। इससे किसानों की बेचैनी बढ़ गई। हालांकि, आम को छोड़कर अन्य फसलों को इससे नुकसान नहीं हुआ। मौसम का बिगड़ा मिजाज देखकर किसान खेतों में कटी सरसों, अलसी, मटर, चना आदि की फसलों को सहेजने में दिनभर जुटे रहे।
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से रविवार से बूंदाबांदी और बादलों की लुकाछिपी का दौर चल रहा है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे तक तो मौसम साफ रहा, लेकिन इसके बाद तेज धूप के बीच बूंदाबांदी शुरू हो गई। बाजार शुकुल इलाके में हल्की हवा चली और करीब 10 मिनट तक बूंदाबांदी के बीच हल्की ओलावृष्टि भी हुई। इसके बाद कभी धूप तो कभी बदली का सिलसिला चलता रहा। कहीं तेज बारिश न हो जाए, इस आशंका में किसान खेत व खलिहान में कटी सरसों, मटर, चना, अलसी आदि की फसल को सहेजने में जुटे रहे। विशेषज्ञों के अनुसार यदि तेज हवा के साथ बारिश हुई तो कटी व खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचेगा।
जिले में बोई गई फसलों की स्थिति
जिले में 1,27000 हेक्टेयर भूमि पर गेंहू की खेती की गई है। वहीं, सरसों 14,417, तोरिया 4000, मटर 6,773, मसूर 2500, जौ 1778, अलसी 145 और अरहर 500 हेक्टेयर में बोई गई है। आम के बाग का दायरा 4515 हेक्टेयर भूखंड पर है।
तापमान में गिरावट फायदेमंद
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि तापमान में गिरावट आई है। यह फसलों के लिए फायदेमंद है। ओला वृष्टि के बारे में उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि तेज ओलावृष्टि व तेज हवा के साथ बारिश हुई तो सभी फसलों को नुकसान हो सकता है। कुमारगंज के मौसम विशेषज्ञ एएन मिश्र ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार दो किमी प्रतिघंटा रही। उन्होंने आगामी 24 घंटे में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही सामान्य पछुआ हवा चलने और तापमान अधिक रहने का अनुमान जताया है।
बोले किसान, आम के बौर को होगा नुकसान
बाजार शुकुल (अमेठी)। सोमवार सुबह बूंदाबांदी और हल्की ओलावृष्टि के बाद किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि इससे आम के पेड़ों में लगे बौर को नुकसान पहुंचने का अंदेशा है। इससे आम की पैदावार में कमी आ सकती है। पूरे शुकुलन गांव निवासी किसान राकेश शुक्ल ने बताया कि हल्की ओलावृष्टि व बूंदाबांदी से खेतों में कटी पड़ी फसलों को तो नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन आम की फसल को थोड़ा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि तेज बारिश हुई तो गेहूं, सरसों, मटर आदि सभी फसलों को नुकसान होगा। इक्काताजपुर गांव निवासी किसान देव शरन ने बताया कि यदि बारिश के साथ तेज हवा चली तो गेहूं की पैदावार में भी काफी फर्क पड़ेगा। किसान देवी दयाल शर्मा, राम प्रसाद रावत आदि ने भी मौसम के बदले मिजाज पर चिंता जताई है।