गौरीगंज (अमेठी)। अमेठी कस्बे में 2017 में विवाहिता की मौत के मामले में कोर्ट ने मंगलवार को पति, सास व ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 45 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माना की धनराशि में से 40 हजार मृतका आरती के पिता शीतला प्रसाद को दिए जाने का आदेश दिया है सुल्तानपुर नगर कोतवाली के खैराबाद निवासी शीतला प्रसाद की पुत्री आरती की शादी अमेठी के चौक कस्बे निवासी अभिषेक अग्रहरी उर्फ शालू से 14 दिसंबर 2014 को हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर आरती को परेशान किया जाता रहा। 30 जनवरी 2017 को ससुराली जनों ने आरती की हत्या कर दी। हत्या के बाद पति अभिषेक, ससुर सुरेंद्र अग्रहरी तथा सास किरण अग्रहरी के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कराया। सुनवाई करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश अंकुर शर्मा ने दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए तीनों को आरती की हत्या को दोषी ठहराया।
अभियोजन पक्ष के सरकारी अधिवक्ता दान बहादुर वर्मा ने बताया कि पांच फरवरी को दर्ज केस पर कोर्ट ने सुनवाई के साक्ष्यों व गवाहों के बयान के आधार पर तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आजीवन कारावास के साथ 45 हजार रुपया का जुर्माना लगाया है। जुर्माना की धनराशि में से 40 हजार मृतका आरती के पिता शीतला प्रसाद को दिए जाने का आदेश दिया है