कंपोजिट विद्यालय बनवारीपुर भेटुआ में बनी लर्निंग बाय डूइंग लैब। स्रोत: विभाग
अमेठी सिटी। जिले के 45 परिषदीय विद्यालयों में दूसरे चरण के तहत लर्निंग बाय डूइंग लैब स्थापित की जा रही हैं। इन प्रयोगशालाओं में बच्चों को किताबों तक सीमित रखने के बजाय प्रयोग करके सीखने का अवसर मिलेगा। केंद्रीय भंडारण निगम से 155 प्रकार की शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिससे गणित, विज्ञान और व्यावसायिक शिक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
लैब में इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग, कृषि और विद्युतीकरण से जुड़ी गतिविधियां कराई जाएंगी। राज्य स्तर पर प्रशिक्षित शिक्षक आओ करके सीखें पद्धति से विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। मापन, मिश्रण, मॉडल निर्माण और वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से बच्चों की तार्किक क्षमता, रचनात्मक सोच और तकनीकी समझ विकसित की जाएगी।
प्रत्येक विद्यालय को स्थानीय और कच्ची सामग्री खरीदने के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से करीब 60 हजार रुपये भी उपलब्ध कराए गए हैं। जिले में पहले चरण के तहत 27 विद्यालयों में ऐसी प्रयोगशालाएं पहले से संचालित हैं। वहां होने वाली गतिविधियों की फोटो नियमित रूप से प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं।
दूसरे चरण में 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, पांच पीएम श्री विद्यालय तथा अन्य उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय शामिल किए गए हैं। चयन उन्हीं विद्यालयों का किया गया है, जहां गणित-विज्ञान के शिक्षक, विद्युतीकरण और चारदीवारी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि दूसरे चरण में 45 विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग लैब स्थापित की जा रही हैं। इससे विद्यार्थियों को प्रयोग आधारित शिक्षा मिलेगी और विषयों को व्यावहारिक रूप से समझने में आसानी होगी।