मुसाफिरखाना तहसील में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत संगठन
मुसाफिरखाना। तहसील परिसर में शुक्रवार को विभिन्न अदालतों में 229 मुकदमे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थे, मगर अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के कारण एक भी मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। पूरे दिन न्यायिक कार्य ठप रहा। इससे दूरदराज से पहुंचे वादकारियों को बिना सुनवाई के लौटना पड़ा।
एसडीएम की अदालत में 78, एसडीएम न्यायिक की अदालत में 70, तहसीलदार की अदालत में 27, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना की अदालत में 28 और जगदीशपुर के नायब तहसीलदार की अदालत में 26 वाद सूची में शामिल थे। निर्धारित तिथि पर पक्षकार न्यायालय पहुंचे, मगर वकीलों के विरोध प्रदर्शन के चलते कार्यवाही शुरू नहीं हो सकी। सभी मामलों में अगली तिथि तय की गई।
बार एसोसिएशन के सचिव राजीव कुमार तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर और मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। यह आंदोलन 30 दिसंबर से जारी है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक स्तर पर लंबित मांगों के निस्तारण की बात दोहराई। वादकारियों ने नियमित सुनवाई बहाल करने की मांग उठाई है ताकि मामलों का निपटारा तय समय में हो सके।