मुसाफिरखाना तहसील गेट पर प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत: आयोजक
मुसाफिरखाना। तहसील में एसडीएम के विरोध में चल रहे अधिवक्ताओं के आंदोलन का सीधा असर वादकारियों पर पड़ रहा है। सोमवार को विभिन्न न्यायालयों में 171 मुकदमे सूचीबद्ध थे, लेकिन किसी मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। दूरदराज से पहुंचे फरियादी घंटों इंतजार के बाद अगली तारीख लेकर लौट गए।
एसडीएम न्यायालय में 16, एसडीएम न्यायिक में 64, तहसीलदार के यहां 34, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना के यहां 27 के अलावा दूसरे न्यायालयों में 30 प्रकरण लगे थे। सोमवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर और मुख्यद्वार पर नारेबाजी कर विरोध जताया।
30 दिसंबर से जारी इस आंदोलन के कारण राजस्व और प्रशासनिक न्यायालयों का कामकाज प्रभावित है। वादकारियों का कहना है कि बार-बार तारीख पड़ने से समय और धन की हानि हो रही है। प्रदर्शन में राजन सिंह, अश्विनी श्रीवास्तव, राजीव कुमार तिवारी, प्रमोद श्रीवास्तव, जगतराम पाल, संजय शुक्ला सहित कई अधिवक्ता शामिल रहे।