तिलोई। तहसील के विभिन्न न्यायालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज वकीलों ने सोमवार को बैठक कर तहसीलदार और नायब तहसीलदार के कथित भ्रष्ट आचरण पर कड़ी नाराजगी जताई और उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।
अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया और आर-पार की लड़ाई का एलान किया। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमर बहादुर सिंह ने आरोप लगाया कि तहसीलदार व नायब तहसीलदार की अदालतों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। नए वादों की प्रविष्टि नहीं की जाती और आदेश पारित करने में अनावश्यक देरी की जाती है। उन्होंने कहा कि बहस पूरी होने के बाद भी मामलों में तुरंत निर्णय नहीं दिया जाता, बल्कि मनमाने फैसले किए जाते हैं।
पूर्व अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा ने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार अमीषा यादव की अदालत में एक मामले का फैसला बहस पूरी होने के करीब एक साल बाद आया। महामंत्री सुरेंद्र कुमार शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो अधिवक्ता संघ अनवरत न्यायिक कार्य का बहिष्कार करेगा। वहीं एसडीएम अमित सिंह ने कहा कि वकीलों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए सभी न्यायालयों में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में अरविंद कुमार शुक्ला, घनश्याम मिश्रा, दलजीत सिंह, शिवहर्ष सिंह, विजय कुमार शुक्ला, राम प्रकाश, राम बहादुर, अरविंद कुमार पांडे, अंशु मान बाजपेई, मनोज कुमार शुक्ला, अख्तर हुसैन, विनोद कुमार मिश्रा, पवन कुमार शुक्ल आदि मौजूद रहे।