मुसाफिरखाना तहसील में हुए अधिवक्ताओं और लेखपालों में भिड़ंत का स्क्रीनशाॅट। स्रोत : सोशल मीडिय
मुसाफिरखाना। तहसील परिसर में एसडीएम के कार्य व्यवहार से नाराज अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार शुक्रवार को भी जारी रहा। तहसील सभागार के पास जब अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए पहुंचे तो लेखपाल संघ सामने आ गया। इस दौरान अधिवक्ताओं और लेखपालों के बीच बहसबाजी के साथ धक्कामुक्की शुरू हो गई। मामला शांत कराने के लिए पुलिस संग पीएसी बुलानी पड़ी।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल की अगुवाई में अधिवक्ता तहसील परिसर में प्रदर्शन कर रहे थे। उसी समय तहसील सभागार के सामने लेखपाल संघ भी एकत्र हो गया और एसडीएम के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। इतने में बात बिगड़ गई और अधिवक्ता व लेखपाल आमने-सामने आ गए। उनके बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई।
तहसील में विवाद की जानकारी पर सीओ अतुल सिंह, इंस्पेक्टर विवेक सिंह, जगदीशपुर और गौरीगंज कोतवाली की पुलिस, डेढ़ सेक्शन पीएसी मौके पर पहुंच गई। सीओ ने दोनों संगठनों के पदाधिकारियों से बातचीत कर मामला शांत कराया। इसके बाद दोनों पक्ष हटे और तहसील परिसर में स्थिति सामान्य हुई। सीओ अतुल सिंह ने बताया कि अधिवक्ताओं और लेखपालों के बीच फिर से विवाद न हो, इसलिए फोर्स तैनात की गई है। किसी संगठन की ओर से तहरीर नहीं दी गई है।
मुख्यालय से पहुंचे अधिवक्ता, आपात बैठक
घटना की जानकारी मिलने पर गौरीगंज मुख्यालय से अधिवक्ता भी मुसाफिरखाना पहुंचे। बार एसोसिएशन की आपात बैठक हुई। बैठक में जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राम केवल मिश्रा सहित वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। अन्य तहसीलों से समर्थन लेने पर सहमति बनी। अधिवक्ताओं का कहना है कि तिथि से पहले आदेश पारित होने और चकबंदी गांवों में मनमानी कार्रवाई से वादकारी परेशान हैं।
स्थानांतरण तक जारी रहेगा आंदोलन
बार अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल ने कहा कि एसडीएम के कार्य व्यवहार से अधिवक्ता आहत हैं। तिथि पूर्व आदेश और चकबंदी मामलों में मनमानी से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। आंदोलन शांतिपूर्ण है और स्थानांतरण तक जारी रहेगा।