मुंशीगंज के त्रिलोकपुर गांव में परिजनों को समझाते इंस्पेक्टर शिवाकांत त्रिपाठी। -संवाद
मुंशीगंज। त्रिलोकपुर गांव में करंट लगने से किशोरी की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर चल रहा विवाद बृहस्पतिवार को समाप्त हो गया। अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन 36 घंटे बाद किशोरी का अंतिम संस्कार करने को माने।
गांव निवासी निर्मला (14) की मंगलवार को झटका मशीन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। उचित मुआवजा व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। बुधवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिजनों को समझाने व मनाने के लिए पूरे समय गांव में डटे रहे। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार अजय कुमार सिंह, नायब तहसीलदार सुधीर कुमार श्रीवास्तव और सीओ अखिलेश वर्मा ने पुन: परिजनों से बातचीत की।
मृतका की मां गुड्डी और चचेरे भाई शत्रुघ्न ने बताया कि अधिकारियों ने आवासीय पट्टे की जमीन, आवास योजना का लाभ दिलाने और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है। आश्वासन के बाद परिजन मृतका का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए। इंस्पेक्टर शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि दोपहर बाद किशोरी के शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।