अमेठी। चिलबिला-मुसाफिरखाना हाईवे के बाईपास व ओवरब्रिज को लेकर किसानों की जमीन आठ साल पुराने सर्किल रेट के अनुसार अधिगृहीत की जा रही है। इससे किसानों में आक्रोश है। किसानों का कहना है कि उन्हें नए सर्किल रेट के अनुसार अधिगृहीत की जा रही भूमि का मुआवजा दिया जाए। अपनी मांग को लेकर सहजीपुर व ठेंगहा के किसानों ने तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन कर एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
अमेठी तहसील परिसर में पहुंचे किसानों ने जमीन अधिग्रहण के पुराने सर्किल रेट को लेकर विरोध जताया। सोमवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने विरोध प्रदर्शन कर एडीएम को ज्ञापन सौंपा। किसान कमलदेव मिश्र, शिव प्रकाश त्रिपाठी, आशीष तिवारी, पवन तिवारी, कुलदीप त्रिपाठी, आदर्श पांडेय, अनिल तिवारी, अनुपम मिश्र, श्याम बहादुर सिंह, रामराज तिवारी, रामबली यादव, राकेश मौर्य, अनुराग मिश्र, श्याम बहादुर सिंह और लाल बिहारी पांडेय आदि का आरोप है कि उन्हें वर्ष 2017 के पुराने सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि वर्तमान में सर्किल रेट काफी अधिक है।
ओवरब्रिज व ठेंगहा बाईपास के लिए सहजीपुर, ठेंगहा और बदलापुर ग्रामसभा के किसानों की जमीन हाईवे निर्माण के लिए ली जा रही है। किसानों का कहना है कि आठ साल पुराने रेट पर मुआवजा मिलने से कई किसान पूरी तरह से भूमिहीन हो रहे हैं। एडीएम ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करने की बात कही है।
दो जिलों और तीन तहसीलों को जोड़ता है हाईवे
चिलबिला-अमेठी-गौरीगंज-मुसाफिरखाना हाईवे (एनएच 931) को अब 10 मीटर चौड़ा किया जाएगा। यह हाईवे प्रतापगढ़ और अमेठी जिले के साथ ही तीन तहसील अमेठी, गौरीगंज व मुसाफिरखाना को जोड़ता है। 68.3 किमी लंबा हाईवे अभी तक सात मीटर चौड़ा है। इस हाईवे पर लखनऊ-वाराणसी रेल खंड स्थित सहजीपुर रेलवे क्राॅसिंग पर एक फ्लाईओवर व ठेंगहा गांव के पास 2.05 किमी लंबे बाईपास का निर्माण होगा। इससे भारी वाहन किनारे से निकल जाएंगे और उन्हें बाजार में नहीं जाना होगा। 68.3 किमी लंबे मार्ग के निर्माण पर 900 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। मार्ग में बाईपास व ओवरब्रिज में होने वाले जमीन अधिग्रहण के पुराने सर्किल रेट के विरोध में किसान नाराज हैं।