जगदीशपुर (अमेठी)। बाजारशुकुल इलाके में जमीन के रंजिश में पीटकर जख्मी किए गए बुजुर्ग कोटेदार की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत के बाद बुधवार देर शाम उनका शव गांव पहुंचा। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और उनका घर बुलडोजर से ढहा देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही अफसरों को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े हैं। एहतियातन गांव में पुलिस तैनात है। पुलिस व परिजनों से वार्ता का दौर जारी है।
जगदीशपुर थाना क्षेत्र के मड़वा गांव निवासी कोटेदार राजाराम कोरी ने बाजारशुकुल थाना क्षेत्र के बिराहिम बाजगढ़ गांव में भवानी प्रसाद से अपनी पत्नी रानी के नाम जमीन खरीदी थी। इस जमीन पर इसी गांव के रामकृपाल का कब्जा था। कब्जा पाने के लिए कोटेदार ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट के आदेश पर राजस्व व पुलिस टीम सात अक्तूबर को कोटेदार के पक्ष में पैमाइश कर लौट गई थी। उसके बाद रामकृपाल ने पत्नी व दो बेटों संतोष व सूरज के साथ मिलकर लाठियों से पीटकर राजाराम को मरणासन्न कर दिया था।
मंगलवार रात लखनऊ में इलाज के दौरान राजाराम की मौत हो गई। मौत की खबर गांव में पहुंची तो लोगों में कोहराम मच गया। बुधवार देर शाम शव गांव पहुंचा तो आक्रोश में परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया है। मांग की है कि आरोपियों की गिरफ्तारी कर उनके घर पर बुलडोजर चलवाया जाए और पुलिस व प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंच कर उनको न्याय दिलाएं।
एहतियात के तौर पर गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस, परिजनों को समझाने में जुटी थी। सीओ अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मामले में मृतक के पुत्र की तहरीर पर चार लोगों पर केस दर्ज कर दो आरोपियों को पकड़ा गया है। मामले में धाराएं बढ़ा कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नहीं चाहिए जमीन, कोई लौटा दो कोटेदार को
कोटेदार राजाराम की मौत पर पत्नी रानी का रोकर बुरा हाल है। वह सिर्फ एक ही बात कह रही है कि नहीं चाहिए जमीन, बहुत बार मना किया। कहा कि जमीन बेच दो, लेकिन बात नहीं मानें। जमीन वापस ले लो, बस हमरे कोटेदार का लौटाए दो। पत्नी की करुणवेदना हर किसी की आंख नम कर रही थी। बेटे सुधीर, राजेश व राकेश तो पिता को खोने से गमगीन हैं। बेटी मंजू का भी हाल बेहाल है।