अमेठी सिटी। जिला अस्पताल में किडनी और लिवर की जांच करने वाले मरीजों को शुक्रवार को भी मायूसी हाथ लगी। कोशिश के बाद भी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन शुक्रवार को ठीक नहीं हो पाई। जांच की आस में अस्पताल पहुंचे मरीजों को लौटना पड़ा या फिर निजी लैबों में जेब ढीली करनी पड़ी। वहीं, सेमी ऑटो एनालाइजर मशीन से सीबीसी सहित अन्य जांचें कर मरीजों को आंशिक राहत दी गई है।
जिला अस्पताल की लैब में लगी ऑटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन में आई कमी दूसरे दिन शुक्रवार को भी ठीक नहीं हो सकी। एलएफटी (लिवर संबंधी कई जांचें), आरएफटी (किडनी), टोटल लिपिड प्रोफाइल (कॉलेस्ट्रोल), सीआरपी (बच्चों के इंफेक्शन की जांच), फास्टिंग व पीपी- (डायबिटीज की जांच) समेत कई तरह की जांच करवाने पहुंचे मरीजों को लौटना पड़ा।
मरीजों ने निजी अस्पतालों में बने लैब में किडनी और लिवर की जांच करवाई। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि ऑटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन तकनीकी खराबी से बंद है। सेमी ऑटो एनालाइजर मशीन से जांच कर रिपोर्ट दी जा रही है। लखनऊ से आए इंजीनियर मशीन ठीक करने में जुटे है। शनिवार से जांच शुरू करा दी जाएगी।