अमेठी सिटी। ठंड का असर बढ़ते ही जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मौसम के बदलते मिजाज के साथ लोग घुटनों, कंधों और पीठ के दर्द से परेशान हैं। ठंड और नमी बढ़ने से जिला अस्पताल की ओपीडी में हड्डी रोग विशेषज्ञों के पास मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है।
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. हनुमान प्रसाद ने बताया कि ठंड की शुरुआत में पुराने जोड़ों का दर्द और मांसपेशियों की जकड़न आम समस्या बन जाती है। जिन लोगों को पहले चोट या गठिया की परेशानी रही है, उनमें यह समस्या दोबारा बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि तापमान गिरने से नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और जोड़ों में जकड़न बढ़ जाती है। इस समय सबसे अधिक मरीज घुटनों, पीठ और कंधों के दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
डॉ. राजीव शुक्ल ने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर का तापमान कम होने से मांसपेशियों का लचीलापन घट जाता है। इससे दर्द और सूजन की स्थिति बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सुबह उठते ही कठोर काम न करें, बल्कि हल्की स्ट्रेचिंग और योग के बाद ही दिन की शुरुआत करें। धूप में कुछ समय बिताना और शरीर को गर्म रखना दर्द से राहत का सबसे सरल उपाय है।
उन्होंने कहा कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के दर्द निवारक दवाओं का सेवन नुकसानदायक हो सकता है, इससे लिवर और किडनी पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने सलाह दी कि बुजुर्ग और गठिया रोगी ठंडी जमीन पर न बैठें, नंगे पैर चलने से बचें और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें। साथ ही संतुलित भोजन, नींद और नियमित दिनचर्या शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार है।
बरतें ये सावधानी
- बिस्तर पर लेटकर पैरों के नीचे तकिया रखें और दिन में 8-10 बार पैरों को दबाने का अभ्यास करें।
-कुर्सी या पलंग पर बैठकर पैरों को 10-15 मिनट ऊपर-नीचे हिलाएं।
-बुजुर्ग और गठिया रोगी धूप निकलने के बाद ही बाहर निकलें।
-नियमित योग और हल्का व्यायाम करें ताकि रक्त संचार सामान्य रहे।
-शरीर को गर्म रखने के लिए ऊनी कपड़े पहनें और ठंडी हवा से बचें।