अमेठी। जिले में बिजली चोरी रोकने व इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन ने विजिलेंस टीम का गठन किया है। पहले चरण में इस टीम में एक दरोगा व तीन सिपाहियों की तैनाती की गई है। नया भवन मिलने तक विजिलेंस टीम विद्युत चोरी निरोधक थाने से काम करेगी।
जिले में मोटर, घरेलू व कामर्शियल कनेक्शन धारकों की संख्या दो लाख के ऊपर है। सभी श्रेणी के वैध कनेक्शन धारकों के अलावा हर श्रेणी में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जो चोरी से बिजली का उपभोग करते हैं।
वैध कनेक्शन धारकों में भी हजारों लोग ऐसे हैं जो प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तरीके से बिजली चोरी करते हैं। जिले में बिजली चोरी रोकने के लिए इसी वर्ष 15 जुलाई को जिला मुख्यालय पर विद्युत चोरी निरोधक थाना खोला गया था। इस थाने का संचालन सुल्तानपुर रोड स्थित उस भवन में किया जा रहा है जिसमें एक वर्ष पूर्व तक एआरटीओ दफ्तर का संचालन होता था।
थाना विद्युत चोरी निरोधक के साथ ही शासन ने जिले में विजिलेंश टीम गठित करते हुए क्रियाशील कर दिया है। विजिलेश टीम में दरोगा राकेश कुमार दीक्षित, हेड कांस्टेबल रवि पांडेय, देवनाथ तिवारी व संजीव कुमार यादव को तैनात किया गया है। विजिलेश कार्यालय के लिए भवन चिन्हित होने तक थाना विद्युत चोरी निरोधक परिसर में ही विजिलेंस टीम का दफ्तर संचालित होगा।
विद्युत चोरी निरोधक थाना संचालित होने के बाद से अब तक यहां 272 केस दर्ज किए जा चुके हैं। दर्ज केस में 15 की विवेचना पूरी कर उनके खिलाफ चार्जशीट न्यायालय भेजी जा चुकी है। थानाध्यक्ष मो. अहमद अंसारी ने बताया कि विद्युत बिल बकाया पर प्रभावी कार्रवाई व नोटिस जारी कर करीब पांच लाख रुपये का बकाया बिल जमा कराया गया है।
विद्युत चोरी निरोधक थाने में थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक मो. अहमद अंसारी के अलावा हेड कांस्टेबल धीरेंद्र कुमार, शिवकरन व कांस्टेबल विकास यादव की तैनाती है। जल्द ही सृजित अन्य पदों के सापेक्ष तैनाती के लिए पत्राचार किया जा रहा है।