गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर टिकट बुकिंग काउंटर पर लगी भीड़। -संवाद
अमेठी। रक्षाबंधन पर बहनों से मिलने की चाह लिए परदेस में रह रहे भाइयों को घर लौटना मुश्किल हो रहा है। दिल्ली, मुंबई, सूरत जैसे बड़े शहरों से चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकी हैं। सामान्य टिकट की उपलब्धता खत्म हो गई है और तत्काल कोटे का टिकट ही एकमात्र सहारा रह गया है।
राखी का त्योहार इस बार नौ अगस्त को मनाया जाएगा। इस अवसर पर लाखों लोग अपने परिवार से मिलने को आतुर हैं। रेलवे की सीमित सीटों और स्पेशल ट्रेनें न चलने से यात्रा की योजना बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। लखनऊ-प्रतापगढ़ रूट पर चलने वाली काशी विश्वनाथ, पद्मावत, पंजाब मेल, उद्योगनगरी, भोपाल-प्रतापगढ़ व वाराणसी-सूरत-मुंबई स्पेशल ट्रेनों में 15 अगस्त तक लंबी प्रतीक्षा सूची दर्ज है। कुछ ट्रेनों में नो रूम की स्थिति बन चुकी है, जिससे टिकट मिलने की संभावना लगभग खत्म हो गई है।
तत्काल कोटे की टिकट बुकिंग भी आसान नहीं रह गई है। यात्रियों को रात में लाइन लगाकर सुबह टिकट पाने की उम्मीद करनी पड़ रही है, लेकिन कुछ सेकंड में ही सारे टिकट बुक हो जा रहे हैं। राघीपुर के निवासी संतोष कुमार के भाई सुनील दिल्ली से घर आने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। मुंबई में रहने वाले रमेश की बहन रागिनी ने बताया कि इस बार भाई को राखी बांधने की इच्छा अधूरी रह जाएगी। उन्होंने स्वयं मुंबई जाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें भी टिकट नहीं मिला।
अब वह डाक से राखी भेजने की योजना बना रही हैं। रेलवे प्रशासन की ओर से अब तक कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गई है। यात्रियों को उम्मीद थी कि रक्षाबंधन को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, लेकिन ऐसा न होने से लोगों में निराशा है। स्टेशन अधीक्षक गौरीगंज प्रवीण सिंह ने बताया कि पहले से आरक्षित टिकट बुक हैं। पर्व पर तत्काल कोटे के टिकट जारी किए जा रहे हैं, जिससे यात्री यात्रा कर पा रहे हैं। ट्रेनों में कोच बढ़ाने या अतिरिक्त ट्रेन चलाने का निर्णय उच्च स्तर पर लिया जाता है।