अमेठी सिटी। गौरीगंज विकास खंड स्थित प्राथमिक विद्यालय पूरे रघुनाथ सिंह में प्रधानाध्यापिका रेनू देवी को अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। पांच फरवरी को बीईओ अर्जुन भदौरिया और जिला समन्वयक एमडीएम अरुण कुमार त्रिपाठी की संयुक्त जांच में कई खामियों का खुलासा हुआ, जिसके आधार पर बीएसए संजय कुमार तिवारी ने यह कार्रवाई की।
पांच फरवरी को संयुक्त टीम की जांच के दौरान सामने आया कि विद्यालय में दर्ज 19 नामांकित छात्रों में से मात्र आठ छात्र ही उपस्थित थे, जबकि एमडीएम पंजिका में अधिक संख्या दर्शाई गई थी। तीन फरवरी को विद्यालय बंद पाया गया और उस दिन की छात्र उपस्थिति पंजिका में दर्ज नहीं थी। अभिलेखों में छेड़छाड़, उच्च कक्षा उत्तीर्ण कर चुकीं छात्राओं का निचली कक्षाओं में पुनः फर्जी नामांकन और रसोइया चयन प्रक्रिया में शासनादेश के उल्लंघन की पुष्टि भी जांच में हुई।
रंगाई-पुताई, लाइब्रेरी, सफाई व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी मानकों पर खरी नहीं उतर सकीं। एसएमसी अध्यक्ष और स्थानीय ग्रामीणों ने भी विद्यालय में किसी बैठक या गतिविधि के आयोजन से इन्कार किया। वहीं, कुछ छात्र-छात्राओं ने प्रधानाध्यापिका रेनू देवी पर भेदभावपूर्ण व्यवहार और पढ़ाई से इन्कार करने का आरोप लगाया। बीएसए ने इस मामले को गंभीर मानते हुए प्रधानाध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही भेटुआ के खंड शिक्षा अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया गया है, जो विभागीय नियमों के तहत आरोपों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे।