बाजारशुकुल (अमेठी)। तहसील मुसाफिरखाना के पूर्व एसडीएम के फर्जी हस्ताक्षर से कूटरचित पट्टा के अभिलेख तैयार कर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ितों ने मामले की शिकायत विधायक से की है। इसके बाद तहसीलदार मुसाफिरखाना ने पूरे मामले की जांच नायब तहसीलदार जगदीशपुर को सौंपते हुए 15 दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
बाजारशुकुल थाना क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों के लोगों ने संयुक्त हस्ताक्षर कर शिकायती पत्र भाजपा विधायक सुरेश पासी को दिया है। आरोप लगाया है कि वर्ष 2022 में जमीन का पट्टा दिलाने के नाम पर तत्कालीन एसडीएम के करीबी ने 4.95 लाख रुपये लिए थे। दो महिलाओं को आवासीय तथा चार पुरुषों को कृषि पट्टा के कागजात दिए गए थे। पट्टाधारकों ने जब तहसील मुसाफिरखाना जाकर कागजात दिखाकर जानकारी ली तो पूरा मामला फर्जी निकला। कागजात फर्जी होने पर पीड़ितों ने कूटरचित कागज देने वाले से अपना पैसा मांगना शुरू किया।
पीड़ितों के अनुसार आरोपी ने अभी तक सिर्फ 2.14 लाख रुपये वापस किए हैं। वहीं 65 हजार, 55 हजार और 25 हजार रुपये के चेक बाद में दिए, जो बाउंस हो गए। ब्लॉक की ग्राम पंचायत टेवसी सधारमऊ गांव निवासी रमेश कुमार, सैदपुर मजरे किशनी व दूधाधारी गांव निवासी राम अभिलाष व राकेश कुमार तथा नांदी गांव निवासी रामू ने शिकायती पत्र दिया है। पीड़ितों के अनुसार अब आरोपी धमकी दे रहा है। मुसाफिरखाना के तहसीलदार राहुल कुमार सिंह ने बताया कि नायब तहसीलदार जगदीशपुर को पूरे प्रकरण की जांच सौंप कर 15 दिन में जांच रिपोर्ट तलब की गई है। बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। पीड़ितों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी मामले की शिकायत की है।