अमेठी। विधायक राजू पाल की हत्या के बाद वर्षों तक न्याय की लड़ाई लड़ने वाली उनकी पत्नी व विधायक पूजा पाल को समाजवादी पार्टी से बाहर करने पर गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला पिछड़े वर्ग और महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है, जिससे सपा का असली चेहरा सामने आ गया है।
राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि राजू पाल की हत्या लोकतंत्र पर सीधा हमला थी। शादी के कुछ दिन बाद ही अतीक अहमद ने उनकी हत्या कर दी। उस समय की सपा सरकार अपराधियों के संरक्षण में पीड़िता को न्याय से वंचित करती रही। वर्षों संघर्ष के बाद मौजूदा सरकार ने अतीक अहमद जैसे अपराधियों का सफाया कर इंसाफ की राह खोली। विधायक ने कहा कि जब पूजा पाल ने सदन में न्याय के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया तो सपा नेताओं को यह नागवार गुजरा। उन्होंने अपमानित कर बाहर कर दिया। यही सपा है जो पिछड़ों-दलितों की बात करती है लेकिन असल में माफिया को बचाने का काम करती है।
उन्होंने कहा कि एक चुनी हुई महिला विधायक का इस तरह अपमान न केवल उनके प्रति अन्याय है बल्कि प्रदेश की महिलाओं के सम्मान पर भी चोट है। जनता अब सपा की राजनीति समझ चुकी है। यह घटना उसके राजनीतिक पतन की शुरुआत है और आने वाले समय में मतदाता पूरी तरह से उसे नकार देंगे।