अमेठी। लॉकडाउन के दौरान जिले पहुंचे प्रवासी श्रमिकों के साथ बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए संचालित योजना में लापरवाही बरतना सेवायोजन अधिकारी व अनुदेशक को भारी पड़ा। कामगार/श्रमिक आयोग की बैठक में मामला प्रकाश में आने के बाद डीएम ने अनुदेशक को निलंबित करते हुए सेवायोजन अधिकारी से जवाब-तलब किया है।
कोविड-19 संक्रमण काल में लोगों के समाने उत्पन्न रोजगार की परेशानी दूर करने के लिए शासन की ओर से जिले में ही रोजगार देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। शासन की ओर से जारी निर्देश के बाद डीएम अरुण कुमार ने शुक्रवार शाम कैंप कार्यालय में कामगार श्रमिक आयोग की बैठक की।
बैठक में अब तक सिर्फ 154 लोगों को रोजगार में नियोजित करने, तीन आनलाइन रोजगार मेला आयोजित कर सिर्फ 62 प्रवासी श्रमिक समेत 207 लोगों को रोजगार देने का मामला प्रकाश में आया।
जिम्मेदारों की ओर से रोजगार देने में बरती जा रही लापरवाही से नाराज डीएम ने अनुदेशक रमेश कुमार पाल को निलंबित करते हुए जिला सेवा योजन अधिकारी देवव्रत कुमार से जवाब-तलब किया है। डीएम ने सेवामित्र एप्लीकेशन पर अधिक से अधिक लोगों का पंजीकरण रोजगार मुहैया कराने का निर्देश दिया।
डीएम ने प्रवासी श्रमिकों के साथ बेरोजगारों को रोजगार मुहैया करवाने के लिए संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। बैठक में सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर व पीडी आशुतोष दुबे समेत सभी जिम्मेदार कर्मी मौजूद रहे।