अमेठी। दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित कर किसानों व पालकों की आय बढ़ाने की कोशिश में जुटे डीएम ने शुक्रवार को दो दुग्ध कलेक्शन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर किसानों व समितियों से दूध क्रय व उसे सुरक्षित रखने के साथ भुगतान प्रक्रिया का सत्यापन किया। इस दौरान डीएम ने संचालकों को साफ-सफाई के साथ दूध बेचने वालों का भुगतान समय पर करने का निर्देश दिया।
शासन के निर्देश पर जिले में दुग्ध उत्पादन व संरक्षण को प्रोत्साहित कर किसान/पालकों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन विभाग की ओर कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। शुक्रवार को दुग्ध उत्पादन से जुड़ी योजना का सत्यापन करने के लिए डीएम अरुण कुमार ने सुबह अमेठी ब्लॉक के महमदपुर गांव स्थित दुग्ध उत्पादकता सहकारी समिति लिमिटेड एवं रामगढ़ गड़ेरी स्थित एक हजार लीटर क्षमता के बल्क मिल्क कूलर का किया औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान डीएम दुग्ध विकास द्वारा संचालित दुग्ध समितियों की जानकारी लेते हुए कलेक्शन केंद्र पर मौजूद सुविधा का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान समितियों व पालकों/किसानों से दूध क्रय करने की व्यवस्था, भुगतान व दूध को सुरक्षित कर भेजने की व्यवस्था का बिंदुवार सत्यापन किया।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी दुग्ध अधिकारी सुनील सिंह भदौरिया ने बताया कि जिले में 78 दुग्ध समितियां दुग्ध का उत्दापन कर रही हैं। समितियां अपने दुग्ध उत्पादन को कलेक्शन लेकर आती हैं जहां बिक्री के बाद उन्हें माह में तीन बार भुगतान किया जाता है।
निरीक्षण के बाद डीएम ने प्रभारी दुग्ध अधिकारी को समितियों पर बेहतर साफ सफाई के साथ दुग्ध क्रय करने के बाद समय से भुगतान करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए भुगतान में विलंब होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।