सिंहपुर। रिश्वत लेने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार इन्हौना थाने में तैनात उपनिरीक्षक राजेश चंद्र पाल को पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने निलंबित कर दिया गया। पूरे प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह को सौंपी गई है।
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दरोगा को चाय दुकानदार के माध्यम से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप है कि सड़क दुर्घटना से जुड़े एक मामले के पक्ष में रिपोर्ट लगाने के एवज में रिश्वत मांगी गई थी। पीड़ित की शिकायत पर टीम ने थाने के पास स्थित चाय की दुकान पर कार्रवाई करते हुए दरोगा और चाय दुकानदार लवदीप साहू को हिरासत में लिया। एसीबी निरीक्षक संजय सिंह की तहरीर पर जामों थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। बुधवार को दोनों को गोरखपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। उधर, लवदीप साहू के परिजन उसे निर्दोष बता रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
राजेश को 2015 में मिली थी नौकरी
सिद्धार्थनगर के खेसरा के मिरवापुर गांव निवासी राजेश चंद्र पाल वर्ष 2015 में उपनिरीक्षक पद पर भर्ती हुए । वर्ष 2024 में अयोध्या से स्थानांतरित होकर इन्हौना थाने में तैनात हुए। तैनाती के दौरान उनके खिलाफ फरियादियों से अभद्रता और वसूली के आरोप भी लगे थे। किसान संगठन ने थाने के बाहर धरना दिया था, जिसके बाद आश्वासन पर आंदोलन समाप्त हुआ था।