अमेठी। राजस्थान और मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। शासन ने इस सिरप की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। औषधि प्रशासन विभाग ने जिले के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को यह सिरप स्टॉक में न रखने और यदि उपलब्ध हो तो तुरंत जानकारी देने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग की टीमों ने जांच अभियान तेज कर दिया है, ताकि ये सिरप बाजार में न बिक सके।
जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईकउज्जमा ने बताया कि बच्चों को खांसी की समस्या में सामान्यतः लेवोसालबूटामॉल, लेवोसिट्जिन कफ सिरप दी जाती है। उन्होंने कहा कि अभिभावक बिना चिकित्सक की सलाह किसी भी सिरप का सेवन बच्चों को न कराएं। दवा खरीदते समय उसका नाम, बैच नंबर और निर्माता की जानकारी अवश्य जांचें, ताकि किसी भी प्रकार की हानि से बचा जा सके।
ड्रग इंस्पेक्टर कमलेश मिश्रा ने बताया कि दवा विक्रेताओं को केंद्र और प्रदेश सरकार की चेतावनी से अवगत कराते हुए कोल्ड्रिफ कफ सिरप और डेक्सट्रोमेथोर्फन सिरप की बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि किसी दुकान पर यह सिरप है तो तुरंत विभाग को सूचना दें ताकि जांच की जा सके। विभाग पूरी सतर्कता से कार्य कर रहा है ताकि असुरक्षित दवा जनता तक न पहुंचे। औषधि प्रशासन विभाग ने दुकानदारों से कहा है कि प्रतिबंधित सिरप बेची तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में नहीं होती कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री
अमेठी दवा व्यवसायी संघ के अध्यक्ष अनुज तिवारी ने बताया कि जिले के किसी भी मेडिकल स्टोर पर कोल्ड्रिफ कफ सिरप या संदिग्ध खांसी की सिरप का कोई भंडार नहीं है। सभी दवा विक्रेता जागरूक हैं और विभागीय निर्देशों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी दुकान पर यह सिरप उपलब्ध हो तो बिक्री तुरंत बंद कर विभाग को सूचना दें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।