गौरीगंज(अमेठी)। मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र से गुजरने वाले लखनऊ वाराणसी हाइवे बाईपास भूमि अधिग्रहण घोटाले की फाइल एक बार फिर खुल गई है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए दो अफसर जिले से लखनऊ भेजे गए। फिलहाल, अधिकारी इस मामले पर खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं।
लखनऊ वाराणसी हाइवे बाईपास भूमि अधिग्रहण में तीन सौ 84 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया था। इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट पर तत्कालीन एसडीएम व तहसीलदार के खिलाफ अनुशासनिक जांच की जा रही है। मामले में संलिप्त लेखपाल व कानूनगो को चार्जशीट दी जा चुकी है।
जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। नियुक्ति अनुभाग में जांच रिपोर्ट के कुछ तथ्य समझने के लिए अफसरों को बुलाया था। इस पर बृहस्पतिवार को एसडीएम मुसाफिरखाना सविता यादव व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट आरके त्रिपाठी ने शासन में पहुंचकर अफसरों को सभी तथ्यों से अवगत करा दिया है। एडीएम एके सिंह ने अफसरों के लखनऊ जाने की बात तो स्वीकार की लेकिन, ज्यादा कुछ बताने से कन्नी काट गए।