अमेठी सिटी। सरकारी अस्पतालों में बाहर की दवा लिखने पर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने सख्त रवैया अपना लिया है। मंगलवार को जिला अस्पताल में इसका असर दिखा। सीएमओ और सीएमएस ने चिकित्सकों को चेतावनी जारी की है। इसका असर यह रहा कि मंगलवार को चिकित्सकों ने मरीजों को बाहर की दवाएं नहीं लिखीं।
जिला अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी में एक रुपये के परचे पर मरीजों को निशुल्क दवा व जांच की सुविधा उपलब्ध है। निशुल्क इलाज कराने की आस लेकर आने वाले मरीजों से ओपीडी में बैठे चिकित्सक कमीशन के चक्कर में बाहर से जांच व दवाएं लिखकर उनका शोषण करते हैं। इसको लेकर अमर उजाला के मंगलवार के अंक में मरीजों को लिखी जा रहीं बाहर की दवाएं शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई, जिसके बाद अफसरों ने सख्ती की है।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह और सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने सभी चिकित्सकों को चेतावनी दी है कि यदि बाहर की दवा लिखी गई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसी भी चिकित्सक की ओर से बाहर की जांच लिखी गई तो संबंधित के विरुद्ध शासन को पत्र भेजा जाएगा। इसके अलावा तीन चिकित्सकों को नोटिस जारी कर सीएमएस ने जवाब मांगा है।
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। ओपीडी के बगल ही प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र संचालित है। अगर कुछ दवाएं अस्पताल में नहीं हैं तो जन औषधि केंद्र पर मरीज सस्ते दाम पर दवा ले सकते हैं। कहा कि सभी चिकित्सकों को कड़ी चेतावनी दी गई है।