अमेठी गायत्री शक्तिपीठ पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल नव दंपति जोड़े ।
अमेठी सिटी। आज परिवार टूट रहे हैं। कस्बों व शहरों में वृद्धाश्रम खुल रहे हैं। सामाजिक मान्यताएं व परंपराएं टूट रही हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों में पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने 21वीं सदी उज्ज्वल भविष्य का उद्घोष करते हुए युग निर्माण की योजना चलाई। गायत्री परिवार इन विषम परिस्थितियों में परिवार निर्माण से राष्ट्र निर्माण की कड़ी जोड़ने के लिए गांव-गांव, घर-घर पहुंच रहा है। ये बातें रविवार को अमेठी शहर स्थित गायत्री शक्तिपीठ परिसर में आयोजित नव दंपती सम्मेलन में शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि प्रज्ञा पुत्र दिनेश पटेल ने कहीं।
उन्होंने कहा कि परिवार एक तपोवन है। इस तपोवन के पांच सूत्र संयम, सेवा, सहिष्णुता, सहकार व स्नेह हैं। इन सूत्रों को अपनाकर ही परिवार में सुख और समृद्धि आएगी। परिवार की ज़िम्मेदारियों के पांच सूत्र देते हुए उन्होंने कहा कि पति व पत्नी एक-दूसरे का सहयोग करते हुए परिवार में सुव्यवस्था, श्रमशीलता, सहकारिता, मितव्ययता एवं शालीनता सुनिश्चित करें। 18 से 22 मार्च 2025 को आयोजित होने वाले राष्ट्र जागरण 251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ को सफल बनाने के क्रम में गायत्री शक्तिपीठ परिसर में आयोजित कार्यक्रम में परिवार की कड़ी को मजबूत करने के लिए सूत्र बताए गए।
युवा समन्वयक डॉ. प्रवीण सिंह दीपक, उप जोन समन्वयक कैलाशनाथ तिवारी ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों को गायत्री परिवार की ओर से सात वचनों का शपथ पत्र अपने-अपने घरों में स्थापित करने के लिए उपहार स्वरूप दिए गए। कार्यक्रम में प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ प्रतिनिधि प्रभाकर सक्सेना व जिला समन्वयक डॉ. त्रिवेणी सिंह आदि मौजूद रहे।