संग्रामपुर (अमेठी)। पूरे रामा चौहान मजरे पुन्नपुर गांव में सागर कोरी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने महज 24 घंटे में सुलझा ली है। पुलिस ने हत्या में शामिल एक युवती को गिरफ्तार कर सनसनीखेज खुलासा किया है, जबकि उसके जीजा की तलाश की जा रही है।
सागर कोरी की मंगलवार रात गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। बुधवार सुबह उसका शव गांव के ही रविंद्र सिंह की पशुशाला में पन्नी और कंबल में लिपटा मिला। शव के हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था। मृतक के चाचा विनोद कुमार की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच में सामने आया कि गांव की ही रहने वाली कुमकुम ने अपने जीजा वेद प्रकाश कोरी के साथ मिलकर हत्या की है। एएसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान युवती कुमकुम ने कुबूल किया कि सागर ने उसका और उसके जीजा का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया था और उसे वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। इससे आहत होकर उसने अपने जीजा को पूरी बात बताई। इसके बाद दोनों ने मिलकर युवक की हत्या कर दी।
कुल्हाड़ी से सिर व गले पर किया वार
मंगलवार रात लगभग 12 बजे सागर छत के रास्ते कुमकुम के घर में घुसा। वहां पहले से पर्दे के पीछे छिपे वेद प्रकाश ने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर हमला कर दिया। फिर दोनों ने मिलकर उसका मुंह दबाया और गले पर वार कर हत्या कर दी। शव को कंबल व पन्नी में लपेटकर पास की पशुशाला में छिपा दिया गया और खून के धब्बों को रात में ही गोबर से लीप दिया गया। पुलिस ने युवती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि आरोपी जीजा की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं।
मंगेतर के बयान और सीडीआर से खुला राज
प्रतापगढ़ जिले के लालगंज निवासी मृतक की मंगेतर ने पुलिस को बताया कि सागर ने पड़ोस की एक युवती व उसके जीजा का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया था। इसी वीडियो को लेकर विवाद था। पुलिस ने सर्विलांस और कॉल डिटेल के आधार पर जब जांच आगे बढ़ाई तो युवती कुमकुम को हिरासत में लिया गया, जिससे पूछताछ में सारा मामला सामने आया।
मांगपत्र के बाद हुआ अंतिम संस्कार
बृहस्पतिवार सुबह मृतक के पिता सिद्धार्थ कोरी के परदेश से लौटने के बाद परिजनों ने आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, शस्त्र लाइसेंस, सुरक्षा और खेती के लिए भूमि आदि की मांगों को लेकर शव का अंतिम संस्कार रोक दिया था। सीओ मनोज कुमार मिश्र को परिजनों ने एसडीएम को संबोधित मांगपत्र सौंपा। आश्वासन मिलने के बाद शाम को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।