अमेठी सिटी। दो दिन के अवकाश के बाद मंगलवार सुबह जिला अस्पताल खुला तो ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। ओपीडी हो या परचा काउंटर, हर जगह लंबी लाइन लगी दिखी। डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। भीड़ अधिक होने के कारण दोपहर दो बजे तक चलने वाली ओपीडी डेढ़ घंटे अधिक साढ़े तीन बजे तक चलानी पड़ी।
अप्रैल में मौसम में बदलाव से लोगों में बीमारियां बढ़ रही हैं। रविवार व सोमवार को अवकाश के बाद मंगलवार को जिला अस्पताल में पंजीकरण काउंटर, डॉक्टर कक्ष, पैथाेलॉजी व दवा काउंटर पर लंबी कतारें होने के कारण मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। ओपीडी में मरीज बुखार, खांसी, पेट दर्द व सीने के दर्द से परेशान रहे।
इसके अलावा सभी 13 सीएचसी पर मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल में भीड़ का आलम यह रहा कि ओपीडी सेवा दोपहर 3:30 बजे तक चली। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ रही। सभी मरीजों की जांच के साथ उनका इलाज हुआ।
235 मरीजों की हुई जांच
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में भी भीड़ रही। औसतन आम दिनों में करीब 150 से अधिक मरीज जांच के लिए आते हैं। मंगलवार को भीड़ अधिक होने से जांच कराने वाले मरीजों की संख्या 235 पहुंच गई। लैब में सभी मरीजों की 5,362 जांच हुईं। अल्ट्रासाउंड में 60 से 70 मरीजों की जांच हुई। करीब 70 मरीजों ने फिजियोथेरेपी कराई।
बुखार और खांसी-जुकाम के बढ़े मरीज
मौसम में बदलाव के कारण अस्पताल में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। मंगलवार को 1155 नए मरीजों का ओपीडी में पंजीकरण हुआ, जिसमें बुखार के 419, खांसी के 98, ठंड के 105, जुकाम के 107, पेट दर्द के 86, लूज मोशन के 89, डायरिया के नौ और मनोरोग के 101 मरीज रहे। फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय व डॉ. अमित यादव ने बताया कि खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। थोड़ी सी सावधानी बरत कर इन बीमारियों से बचा जा सकता है।
इस मौसम में क्या करें
- पानी जमकर पीएं, ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए।
- धूप में बाहर जाने से बचें। बहुत जरूरी हो तो धूप के चश्मे, छाता, टोपी एवं जूते, चप्पल पहनकर ही निकलें।
- हल्के, ढीले सूती वस्त्र पहनें, ताकि शरीर तक हवा पहुंचे और पसीने को सोखकर शरीर को ठंडा रखे।
- यात्रा करते समय अपने साथ बोतल में पानी जरूर रखें, ओआरएस का घोल खूब पीएं।
- नीबू पानी, कच्चे आम का पना, लस्सी आदि का सेवन करें।