अमेठी सिटी। सस्ती दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए संचालित समितियों पर ताले लटक रहे हैं। केंद्र पर डीएपी है, फिर भी किसान भटक रहे हैं। कैसे खाद मिले... ये बड़ा सवाल है। ऐसे में किसान निजी दुकानों पर महंगे दामों पर खाद लेने को मजबूर हैं।
इस समय धान की रोपाई का सीजन चल रहा है। ऐसे में डीएपी, एनपीके की मांग बढ़ गई है। जिले में कुल 84 समितियां हैं, जिसमें 74 समितियों पर उर्वरक का वितरण किया जाता है। वर्तमान समय में 46 साधान सहकारी समितियों पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। कई समितियों पर डीएपी उपलब्ध है तो वहां वितरण नहीं हो रहा है। कई समितियों पर ताले लटक रहे हैं। किसान वहां पहुंचने के बाद मायूस होकर लौट रहे हैं। इससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, अमेठी के खेरौना स्थित किसान सेवा सहकारी समिति बंद मिली। समिति पर यूरिया उपलब्ध है। डीएपी नहीं है। इसके अलावा इफको सेंटर अमेठी पर भी डीएपी उपलब्ध नहीं होने से किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। राजापुरफत्तेपुर के राजापुर साधन सहकारी समिति पर ताला लटक रहा था, जबकि यहां पर डीएपी और यूरिया दोनों उपलब्ध है। इसके अलावा कई अन्य समितियों का भी यही हाल रहा। किसान मायूस होकर लौट रहे हैं। किसान नेता हरीश सिंह चुन्नू, दिनेश तिवारी, बच्चा शुक्ल आदि ने विभाग से सभी केंद्रों पर डीएपी उपलब्ध कराए जाने की मांग उठाई है।
डीएपी है, नहीं हो रहा वितरण
संग्रामपुर के मिसरौली स्थित साधन सहकारी संघ पर डीएपी उपलब्ध है। बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे करौंदी निवासी किसान हरिशंकर यादव केंद्र पर डीएपी लेने पहुंचे थे। बताया कि यहां ताला बंद है, गोदाम में डीएपी दिख रही है। वितरण नहीं होने से किसान परेशान हैं। अन्य केंद्रों पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसान डीएपी के लिए भटक रहे हैं। प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति राजापुर अमेरुआ में भी ताला लटका मिला, मौके पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। इफको केंद्र संग्रामपुर में बृहस्पतिवार को भी ताला लटक रहा था। सरैया कनू निवासी किसान मनोज कुमार पांडेय बताया कि तीन-चार दिन से चक्कर लगा रहे हैं।
जल्द आ रही डीएपी की रैक
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सरकारी व प्राइवेट में मांग के अनुसार खाद पर्याप्त मात्रा में है। इफको की रैक आ रही है। जल्द ही जिन समितियों व सेंटरों पर डीएपी नहीं है, वहां उपलब्ध कराई जाएगी।