अमेठी सिटी। कमरौली स्थित शिव शक्ति हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में उपचार के दौरान अधिवक्ता तरुण कुमार ओझा (37) की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का लाइसेंस 90 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में उपचार संबंधी गंभीर लापरवाही की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई।
अशरफपुर चिलौली गांव निवासी तरुण कुमार ओझा को 21 जुलाई को प्लेटलेट्स कम होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस ने इस मामले में डॉक्टर और उसके सहायक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की थी। मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने उपचार संबंधी अभिलेखों और अन्य तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट सौंपी।
जांच में उपचार प्रक्रिया में अनियमितताएं मिलने पर सीएमओ ने अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया। अस्पताल संचालक को निर्देश दिया गया है कि निलंबन अवधि में अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की चिकित्सीय गतिविधि संचालित नहीं की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर 90 दिनों के लिए लाइसेंस निलंबित किया गया है। अवधि पूरी होने के बाद नियमानुसार प्रकरण की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई तय होगी। निलंबन अवधि में अस्पताल में किसी भी प्रकार का इलाज या अन्य चिकित्सीय कार्य नहीं होगा। आदेश का उल्लंघन होने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।