गौरीगंज (अमेठी)। तिलोई के रस्तामऊ में निर्मित 200 बेड के रेफरल अस्पताल को संचालन जल्द शुरू होगा। इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए शासन ने अस्पताल के लिए 167 पद स्वीकृत कर दिया है। सचिव ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं को शासन के आदेश की प्रति भेजते हुए स्वीकृत पदों के सापेक्ष चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती तत्काल करने को कहा है।
अस्पताल का संचालन शुरू होने से जिले की करीब 20 लाख की आबादी को दूसरे जिलों की दौड़ लगाने से निजात मिलेगी। प्रदेश की योगी सरकार ने पिछली 20 फरवरी को तिलोई के रस्तामऊ में निर्मित 200 बेड के बाल एवं महिला चिकित्सालय को रेफरल अस्पताल के रूप में परिवर्तित करने का आदेश जारी किया था।
एमसीएच विंग के रेफरल अस्पताल में तब्दील होने के बाद जिले की करीब 20 लाख आबादी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पाने की उम्मीद जगी थी। इसी दिशा में ठोस कदम उठाते हुए शासन ने रेफरल अस्पताल संचालन के लिए कुल 167 पदों का सृजन करते हुए उसे स्वीकृति प्रदान कर दी है।
शासन से स्वीकृति मिलने के बाद सचिव वी हेकाली झिमोमी ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं को आदेश की प्रति भेजते हुए अस्पताल संचालन के लिए स्वीकृत पदों के सापेक्ष तैनाती करने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा है।
इन पदों पर तैनाती की मिली स्वीकृति
शासन ने अस्पताल संचालन के लिए चिकित्सक संवर्ग के 39 पद, पैरामेडिकल व अन्य संवर्ग के 85 पद, सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से आउट सोर्स के आधार पर 43 पदों का सृजन किया है। शासन की ओर से सृजित पदों के सापेक्ष तैनाती होते ही अस्पताल का संचालन शुरू किया जाएगा।
86.42 करोड़ की लागत से हुआ निर्माण
जिलेवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रदेश की तत्कालीन अखिलेश सरकार ने रस्तामऊ में 200 बेड के बाल एवं महिला चिकित्सालय भवन का निर्माण शुरू किया था। इसके लिए 86 करोड़ 42 लाख दस हजार रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई थी। कार्यदायी संस्था की ओर से अस्पताल निर्माण का कार्य कुछ माह पहले पूरा हुआ है।
पिछले दिनों हुई थीं कुछ नियुक्तियां
200 शैय्या के बाल एवं महिला चिकित्सालय का संचालन शुरू करने की कवायद पिछले दिनों शुरू हुई थी। इस संबंध में शासन का निर्देश मिलने के बाद अनुसचिव ने डॉ. मो. आजम खां को अस्पताल का सीएमएस नामित करते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय कुमार गुप्ता, एनेस्थेटिक्स डॉ. सैय्यद मोहम्मद कुरेशी व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवनंदन शुक्ल की अस्पताल में तैनाती की थी। हालांकि तैनात स्टाफ काम शुरू करता इसके पहले ही इसे रेफरल अस्पताल में तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू हो गई।
होगा सभी बीमारी का इलाज
सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने बताया कि रेफरल अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद इस अस्पताल में अब बच्चों एवं महिलाओं के साथ ही सभी प्रकार की बीमारियों के उपचार की समुचित व्यवस्था होगी। अस्पताल संचालित होने से लोगों को छोटी बीमारियों के लिए दूसरे जिलों की दौड़ नहीं लगानी होगी।