गौरीगंज (अमेठी)। गौरीगंज थाने के निरीक्षण के दौरान खामियों का अंबार मिलने से भड़के आईजी ने नाराजगी जाहिर करते हुए सुधार लाने व राइफल खोलकर बंद नहीं कर पाने पर सिपाहियों को पुलिस लाइन भेजकर प्रशिक्षित कराने का निर्देश दिया। शासन की ओर से लागू बीट प्रणाली की पुलिस कर्मियों के साथ बैठक कर बिंदुवार समीक्षा की।
आईजी अयोध्या डॉ. संजीव गुप्ता ने सोमवार शाम करीब चार बजे गौरीगंज थाने पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। आईजी गार्द की सलामी लेने के बाद परिसर का निरीक्षण शुरू कर दिया। इस दौरान प्रसाधन कक्ष, 112, क्यूआरटी व थाने की बैरक में गंदगी मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए साफ-सफाई का निर्देश दिया।
थाना परिसर में सीज वाहनों का अंबार मिलने तथा स्टोर रूम में हेलमेट, बाडी प्रोटेक्टर व जब्त की गई शराब पड़ी होने पर कोतवाली को खरीखोंटी सुनाते हुए निस्तारण कराने का निर्देश दिया। सीओ गौरीगंज को सप्ताह भर में वाद रजिस्टर के अनुसार एक-एक का सत्यापन करने को कहा। बैरक में मिली गंदगी पर सीओ को बैरक प्रभारी नामित करते हुए समीक्षा करने को कहा।
टूटी बाउंड्रीवॉल, आवासीय मकानों के छतों की साफ-सफाई कराने, बैरक में खराब पड़े पंखे व लाइट ठीक कराने तथा खिड़कियों में दरवाजा लगवाने के साथ ही मुख्यालय के थाने में हेड मोहर्रिर पोस्ट कराने का निर्देश एएसपी को दिया। आईजी ने थाने के अभिलेख, शस्त्रों की साफ-सफाई देखी। उन्होंने आठ पुरुष व चार महिला सिपाहियों को राइफल खोलकर उसे बंद करने को कहा जिसमें तीन सिपाही ही राइफल खोलकर बंद कर सके।
राइफल खोलकर बंद नहीं कर पाने वाले सिपाहियों को लाइन में भेजकर प्रशिक्षण कराने तथा तीनों सिपाहियों का नाम इनाम के लिए प्रस्तावित करने को कहा। कोतवाल परशुराम ओझा 12 बोर की रिपीटर गन में कारतूस भरने की संख्या नहीं बता सके तो उन्हें भी प्रशिक्षण दिलाने को कहा। थाने के मेस का भी आईजी ने उद्घाटन किया। इस दौरान एएसपी दयाराम सरोज, सीओ अर्पित कपूर मौजूद रहे।