अमेठी। संग्रामपुर थानाक्षेत्र के मल्लूपुर गांव निवासी रामकृष्ण पाण्डेय ने एसडीएम को पत्र दिया है। कहा है कि उनका 18 माह का घोड़ा शनिवार की रात बारिश के बीच छप्पर के नीचे बंधा था। रात करीब नौ बजे के बीच अचानक गिरकर तड़पने लगा।
घोड़ा पालक ने तत्काल दौड़ कर देखा और मामले की सूचना पशु चिकित्सक को दी। पीड़ित के अनुसार, जहरीले जंतु के काटने से आधे घंटे में घोड़े की मौत हो गई। एसडीएम के निर्देश पर पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. प्रदीप पाण्डेय ने मौके पर पहुंच पोस्टमार्टम के लिए सैंपल लिया। पीड़ित के अनुसार, बाजार में घोड़े की कीमत पांच लाख रुपए है।