अमेठी। स्थानीय ब्लॉक की ग्राम पंचायत छीड़ा में 24 वर्ष पहले निर्मित पंचायत भवन में पिछले 20 वर्ष से राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल का संचालन हो रहा है। पंचायत भवन में अस्पताल संचालित होने से जहां ग्राम सभा की बैठक खुले में करनी पड़ती हैं वहीं पंचायत कर्मियों को भी दस्तावेज आदि सुरक्षित रखने में परेशानी झेलनी पड़ती है।
भादर ब्लॉक के पूर्वी छोर पर बसे छीड़ा ग्राम पंचायत में वर्ष 1996 में पंचायत भवन का निर्माण हुआ था। वर्ष 2000 से इसी भवन में होम्योपैथिक अस्पताल का संचालन हो रहा है। होम्योपैथिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा अधिकारी के रूप में डॉ. दिनेश कुमार के अलावा एक फार्मासिस्ट और एक सफाई कर्मी की तैनाती की गई है।
तैनात चिकित्सक प्रति-दिन अस्पताल आने वाले 70 से 80 मरीजों की जांच कर उनका उपचार भी करते हैं। पंचायत भवन में अस्पताल का संचालन होने से गांव के साथ ही आस पास के गांवों के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा तो मुहैया हो रही है लेकिन इसकी वजह से ग्राम पंचायत के तमाम कार्य प्रभावित हैं।
ग्राम पंचायत की महत्वपूर्ण बैठकें खुले आसमान के नीचे होती हैं। पंचायत विभाग के कर्मचारियों को दस्तावेज सुरक्षित रखने में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
केदारनाथ वर्मा कहते हैं कि पंचायत भवन में होम्योपैथिक अस्पताल चलने से ग्राम पंचायत के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह अस्पताल को स्थाई भवन दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद कनौजिया कहते हैं कि पंचायत भवन में होम्योपैथिक अस्पताल का संचालन नहीं होना चाहिए। प्रशासन को इसका स्थाई विकल्प खोजना चाहिए।
मनोज यादव कहते हैं कि मामले की शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की गई। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिम्मेदारों को शिकायत पर ध्यान देते हुए नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
दान बहादुर यादव कहते हैं कि पंचायत भवन धीरे-धीरे जर्जर हो चला है। ऐसे भवन में अस्पताल का संचालन उचित नहीं है। पंचायत भवन की मरम्मत के साथ अस्पताल का स्थाई भवन बने।
ग्राम प्रधान जगदीश यादव की मानें तो होम्योपैथिक अस्पताल के लिए अयोध्या-प्रयागराज हाइवे के किनारे 0.0520 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई है। यह भूमि अभिलेखों में अस्पताल के नाम दर्ज है और इसका अधिग्रहण भी हो चुका है। बावजूद इसके अब तक अस्पताल नहीं बनवाया गया।