तिलोई। मारपीट के मामले में जिला कारागार रायबरेली में निरुद्ध महिला को 65 दिन बाद हाईकोर्ट से जमानत मिल सकी है। महिला की जमानत अर्जी रायबरेली सत्र न्यायालय से खारिज हो चुकी थी।
शिवरतनगंज थाने के गदुआपुर मजरे टिकरी की रहने वाली सुनीता के रिश्तेदार जग प्रसाद ने बताया कि 19 सितंबर को गांव की ज्योति शर्मा ने सुनीता सहित पति शिवकुमार, देवर बाल गोविंद और बेटी शालिनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। जिस पर दूसरे ही दिन पुलिस ने शालिनी के अलावा अन्य सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तभी से वे सभी जिला कारागार रायबरेली में निरुद्ध थे। सत्र न्यायालय ने सुनीता की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
उन्होंने बताया कि वकील के माध्यम से प्रयागराज हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जमानत याचिका डाली गई। न्यायालय ने सुनवाई कर पर्याप्त आधार पाते हुए शुक्रवार को शालिनी की जमानत मंजूर कर दी है। उधर वादिनी ज्योति शर्मा ने बताया कि उसके साथ मारपीट की गई। इस दौरान पति को गंभीर चोंटे आईं। थाना प्रभारी दयाशंकर ने बताया कि अभियोजन से अभी जानकारी नहीं मिली है। प्रकरण विचाराधीन है।