अमेठी सिटी। स्कूल में विभिन्न मदों में आवंटित धनराशि आहरित करने के बाद सामान व बिल नहीं दिखा पाना तथा बीईओ की ओर से जारी नोटिस का जवाब नहीं देना प्रधानाध्यापिका राजगढ़ को भारी पड़ा। बीईओ गौरीगंज की रिपोर्ट मिलने के बाद बीएसए ने निलंबित कर दिया। जांच बीईओ शाहगढ़ व मुसाफिरखाना को सौंपी है।
गौरीगंज ब्लॉक क्षेत्र के राजगढ़ में संचालित प्राथमिक स्कूल का बीईओ गौरीगंज अर्जुन भदौरिया ने नौ मई को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 27 में सिर्फ छह बच्चे ही मौजूद मिले थे। एमडीएम का एकल खाता संचालित करने, कंपोजिट ग्रांट में आवंटित 25 हजार रुपये आहरित करने के बाद भी खर्च से जुड़े दस्तावेज नहीं दिखा सकी। इतना ही नहीं खेल सामग्री मद के आवंटित पांच हजार व प्री-प्राइमरी किट मद में आठ हजार रुपये खर्च करने के बाद भी न तो कोई सामान मिला और न ही बिल दिखा सकी।
कमियां मिलने पर बीईओ ने नोटिस जारी जारी प्रधानाध्यापिका विजय लक्ष्मी जायसवाल को जवाब देने को कहा। प्रधानाध्यापिका ने कोई जवाब नहीं दिया तो बीईओ ने मामले की रिपोर्ट बीएसए को भेजी। रिपोर्ट मिलने के बाद बीएसए संजय कुमार तिवारी ने प्रधानाध्यापिका को निलबिंत करते हुए बीईओ कार्यालय से संबद्ध किया है।
बीएसए ने जांच अधिकारियों को आरोप पत्र जारी कर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर साक्ष्य समेत रिपोर्ट देने को कहा है। बीएसए ने बताया कि रिपोर्ट के बाद प्रधानाध्यापिका के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।