अमेठी। कभी कम उपस्थिति और पढ़ाई से उदासीनता के लिए पहचाना जाने वाला तिलोई ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय छवहिया आज बच्चों की चहल-पहल, गीत, गतिविधियों और रचनात्मक माहौल से गुलजार है। इस बदलाव के पीछे हैं शिक्षिका स्वाति सिंह, जिन्होंने संघर्षों के बीच अपनी मेहनत और नवाचारी सोच से स्कूल की तस्वीर बदल दी।
उन्नाव के ताकिया पुरई गांव निवासी स्वाति सिंह की नियुक्ति वर्ष 2024 में विद्यालय में हुई थी। स्कूल की बदहाल स्थिति देखकर उन्होंने हार मानने के बजाय बदलाव का संकल्प लिया। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने खुद शिक्षण सामग्री तैयार की। रंग-बिरंगे चार्ट, मॉडल, खेल और गतिविधियों के जरिये पढ़ाई को रोचक बनाया।
अब स्कूल में बच्चे गीत, पीटी, समूह गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। कक्षा में सवाल-जवाब और खेल-खेल में पढ़ाई से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है। जो बच्चे पहले चुप रहते थे, अब मंच पर प्रस्तुति देने लगे हैं। स्वाति सिंह ने अभिभावकों से संवाद कर घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया।
इसका असर यह हुआ कि विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी। विद्यालय के अजय कुमार, साधना मिश्रा और अन्य स्टाफ के सहयोग से स्कूल अब क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। स्वाति सिंह की मेहनत और संघर्ष शिक्षा जगत में मिसाल बन गए हैं।