गौरीगंज (अमेठी)। मई माह में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच सोमवार सुबह आसमान में छाए बादल रिमझिम बरसात में तब्दील हो गए। मुख्यालय समेत कई स्थानों पर काफी देर तक हुई बरसात से जहां लोगों को गर्मी से आंशिक निजात मिली वहीं जायद की फसलों की सिंचाई से किसानों को मुक्ति मिल गई। बरसात से किसान अपने खेतों की जुताई कर ढैंचा बोकर हरी खाद के रूप में प्रयोग कर अपना उत्पादन बढ़ा सकेंगे।
अप्रैल माह के अंत से ही बदली के बीच पड़ रही गर्मी से लोग परेशान हो रहे थे। रविवार रात आसमान में छाए बादल सोमवार सुबह रिमझिम के साथ कई स्थानों तेज बरसात में तब्दील हो गए। वैवाहिक कार्यक्रम वाले घरों के साथ मतगणना स्थल पर अव्यवस्था फैल गई तो गांव के साथ शहर की गलियों में कीचड़ हो गया।
इस बरसात ने लोगों को गर्मी से आंशिक राहत दी तो जायद की फसल के लिए भी वरदान साबित हुई। बरसात से खेतों में आई नमी से किसान जुताई कर ढैंचा की बोआई कर हरी खाद के रूप में प्रयोग कर उत्पादन बढ़ा सकेंगे। बरसात से किसानों के चेहरे खिले गए तो किसानों को जायद फसलों की सिंचाई से मुक्ति मिल गई।
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि बरसात से जायद की फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी। कृषि अधिकारी ने बताया कि किसान अपने खेतों की जोताई कर ढैंचा की बोआई करें जिससे उन्हें रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से निजात मिलेगी तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर उनकी आय बढ़ेगी।