राजाफत्तेपुर गांव में रविवार को बरसात संग गिरे ओले। ग्रामीण
राजाफत्तेपुर/इन्हौना (अमेठी)। मौसम का मिजाज रविवार सुबह से ही बदला दिखा। आसमान में कभी बादल तो कभी धूप का दौर दोपहर तक बना रहा। सुबह 10 बजे के बाद कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, लेकिन इसके बाद मौसम फिर पहले जैसा हो गया। तिलाेई इलाके में दोपहर बाद अचानक बारिश होने लगी। इस दौरान काफी देर तक ओले गिरने से लोग परेशान हो उठे। हालांकि ओले संग बारिश से लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिली है।
जिले में बीते सप्ताह से ही बादल छाए रहने और धूप का दौर चल रहा है। शनिवार शाम अचानक बादल छा गए। रविवार सुबह भी यही हाल रहा, लेकिन सूरज की हनक बीच-बीच में भारी पड़ती दिखी। सुबह करीब 10 बजे अचानक बादल छा गए और जिले के कई इलाकों में बूंदाबांदी होने लगी। हालांकि आधे घंटे के बाद फिर से मौसम साफ हो गया और धूप निकल आई। दोपहर करीब चार बजे के बाद फिर से बादल आसमान में छा गए और बूंदाबांदी के साथ ही बारिश होने लगी। इस दौरान तिलोई इलाके में तेज बारिश होने लगी। इसी के साथ ही ओले भी गिरने लगे। करीब 10 मिनट तक ओले गिरते रहे, इसके बाद फिर बारिश ने रफ्तार पकड़ी।
एक घंटे की बारिश के बाद फिर से बूंदाबांदी का दौर चला जो देर शाम तक जारी रहा। ओले संग बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ हद तक राहत मिली है। किसानों के चेहरे पर भी बारिश से संतुष्टि दिखाई पड़ी। गेहूं की कटाई और मड़ाई का काम पूरा हो चुका है। कुछ ही किसानों का भूसा अभी खेत में पड़ा है। बारिश से इसे बचाने को किसान परेशान दिखे।
बारिश को जायद की फसलों के लिए विशेष लाभकारी बताया जा रहा है। इसके अलावा आम के बाग के लिए भी बारिश फायदेमंद है। दलहनी फसलों के लिए हल्की बारिश ने संजीवनी का काम किया है। किसान देवी शंकर मिश्रा, रणविजय सिंह, उमाकांत सिंह, कृष्णकांत, राजेश यादव आदि ने बताया कि हल्की बारिश ने उड़द, मूंग, सब्जी व दलहनी फसलों को फायदा पहुंचाया है।