अमेठी। आज का दिन शिव प्रताप इंटर कॉलेज के उन सात छात्रों के लिए बेहद खास है, जो सिस्टम की चूक के शिकार हो गए थे। दरअसल, 25 अप्रैल को यूपी बोर्ड के हाईस्कूल के घोषित परीक्षा परिणाम में आंतरिक मूल्यांकन के 30 अंकों के स्थान पर महज तीन अंक मिले। वह फेल हो गए थे। बोर्ड ने नए सिरे से अंकपत्र जारी किया तो सातों छात्र पास हो गए। यही नहीं, उवैश रजा 568 अंक पाकर जिले के टाॅपटेन में शामिल हो गया है।
शहर के शिव प्रताप इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले हाईस्कूल के उवैश रजा को लिखित में 388, भावना वर्मा को 384, श्रेया सिंह को 382, अनंतदीप को 368, हर्ष कुमार को 282, अर्चिता शुक्ला को 295, सर्वेश कुमार शुक्ल को 245 अंक मिले थे। प्रायोगिक परीक्षा के आंतरिक मूल्यांकन में इन परीक्षार्थियों को सभी विषयों में अलग-अलग 30 अंक के बजाय मात्र तीन-तीन अंक ही मिले थे।
शुक्रवार को इनका नया अंक पत्र जारी किया गया है। इसमें सभी पास हो गए हैं। उवैश रजा को कुल 568 अंक मिले हैं। इस हिसाब से उन्हें 94.66 प्रतिशत अंक मिले हैं। ऐसे में अगर चूक न हुई होती तो वह जिले की टाॅपटेन की सूची में शामिल होते।
काॅलेज प्रधानाचार्य नवल किशोर सिंह ने बताया कि हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में सात छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन में गलत अंक मिलने से उनके रिजल्ट प्रभावित हुए थे। अब सही हो गए हैं। उवैश रजा के पिता गुलाम मोहम्मद का कहना है कि इन 80 दिनों में बहुत दौड़ना पड़ा। अब जाकर खुशी मिली है।
जिला विद्यालय निरीक्षक रीता सिंह का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में आया है। अधिकारियों को पूरे प्रकरण से अवगत कराएंगे। टाॅपटेन के बाबत अधिकारियों से विचार विमर्श के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। अन्य बिंदुओं की जांच कराएंगे।