जामो कस्बा स्थित विशंभर कुंज परिसर में श्रीराम कथा सुनते श्रद्धालु। -आयोजक
जामों (अमेठी)। मानव जीवन को सुखमय बनाने में गुरु का महत्व जरूरी होता है। गुरु अपने शिष्य को कभी भी गलत रास्ते पर चलने की सलाह नहीं दे सकता है। वह हमेशा सत्य के मार्ग पर चलकर धर्म व समाज की रक्षा करने को प्रेरित करते हैं। ये बातें कस्बा स्थित विशंभर कुंज परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिन बृहस्पतिवार को प्रवाचक मुक्तिनाथ ने कहीं।
प्रवाचक ने बताया कि ईश्वर अपने भक्तों की रक्षा व राक्षसी प्रवृत्तियों का संहार करने के लिए अवतार लेते हैं। अहिल्या उद्धार की कथा में बताया कि जब भक्त में ईश्वर के प्रति अटूट संबंध एवं सच्ची भक्ति होती है, तो ईश्वर भक्त की मनोकामना पूरा करते हैं। भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के जनकपुर में प्रवेश करने का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि मनुष्य के जीवन में गुरु का बड़ा स्थान होता है। प्रवाचक ने धनुष यज्ञ सहित अन्य प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। इस दौरान यजमान अवधेश कुमार श्रीवास्तव, अखिलेश कुमार, सुधीर कुमार श्रीवास्तव, सुधाकर श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।