मुसाफिरखाना (अमेठी)। गुरुद्वारा साहिब में बृहस्पतिवार को सिखों के छठे गुरु हरगोबिंद साहिब के प्रकाश पर्व पर सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। सभी ने श्रद्धा से गुरुद्वारा में माथा टेका और एक-दूसरे को प्रकाश पर्व की बधाई दी।
इस अवसर पर अरदास व शबद कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें संगतों ने हरिगोबिंद नवां निरोवा का गायन कर माहौल भक्तिमय बना दिया। गुरुद्वारा कमेटी के संयोजक सिमरन जीत सिंह ने बताया कि गुरु हरिगोबिंद साहिब जी मात्र 11 वर्ष की आयु में गुरु गद्दी पर विराजमान हुए थे। उन्होंने हरिमंदिर साहिब में सिखों के सर्वोच्च तख्त श्री अकाल तख्त की स्थापना की और मीरी-पीरी की दो तलवारें धारण कीं, जो भक्ति और शक्ति का प्रतीक हैं।
उपाध्यक्ष मेजर सतनाम सिंह ने कहा कि गुरु जी ने छुआछूत, आडंबर और रूढ़ियों का विरोध किया और समाज को सत्य मार्ग पर चलने का संदेश दिया। इस मौके पर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान जसविंदर सिंह, बलवीर सिंह, दर्शन सिंह, मनजीत सिंह, रनदीप सिंह, आचार्य कमलेश चंद दूबे, जलाल अहमद आदि उपस्थित रहे।