अमेठी सिटी। राज्य कर विभाग की ओर से कुल 88 फर्म को जीएसटी का नोटिस दिया गया है। यह सभी मामले वर्ष, 2019-20 के हैं। जिसमें खरीद, बिक्री, आपूर्ति आदि में अंतर मिलने पर कार्रवाई की गई है। जिसमें व्यापारियों को उनका पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
जीएसटी रिटर्न में प्रमुख जीएसटीआर-3बी व जीएसटीआर-1 के बीच अंतर है। मुख्य रूप से जीएसटी देनदारी व उपलब्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट वैल्यू के बीच अंतर के मामले हैं। सप्लायर से की गई खरीदारी के विवरण व जीएसटी रिटर्न में आंकड़ों के अंतर शामिल हैं।
शुक्रवार को अमेठी जिले के उपायुक्त अनुराग चौधरी ने बताया कि सभी नोटिस एआई जनरेटेड हैं। ऑटोमेटिक इंटेलीजेंस के माध्यम से जीएसटी रिटर्न के मामलों में आने वाले अंतर पर साफ्टवेयर अपने आप नोटिस दे रहा है। जिसमें कुल 130 नोटिस जनरेट हुई थी, वहीं दशमलव के आसपास मामूली अंतर मिलने पर करीब 42 नोटिस नहीं भेजी गई। अन्य सभी को जीएसटी मिसमैच के बारे में जवाब देने के लिए कहा गया है। उपायुक्त ने बताया कि पुराने मामले निपटाने का कार्य जोरों पर चल रहा है। नए मामलों में मिसमैच आदि की समस्या देखने को नहीं मिल रही है। बहुत जीएसटी नया होने के चलते लोगों से गलतियां ज्यादा हो रही थी, अब अपेक्षाकृत इसमें सुधार आया है। जिससे फर्म संचालक पहले के मुकाबले कम गलतियां कर रहे हैं।