अमेठी सिटी। ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिले में नई पहल शुरू हुई है। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार के तहत मिली धनराशि से जिले की पांच ग्राम पंचायतों में व्यावसायिक दुकानों का निर्माण कराया जाएगा। इन दुकानों के किराये से पंचायतों को नियमित आय होगी।
पंचायतीराज विभाग ने दुकानों के निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर ली है। निर्माण पूरा होने के बाद दुकानों का आवंटन स्थानीय व्यापारियों, महिला उद्यमियों और स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक युवाओं को किया जाएगा। इससे गांवों में छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण बाजारों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। पंचायतों को मिलने वाली नियमित आय से सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज त्यागी ने बताया कि मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना है।
हर महीने बढ़ेगी पंचायतों की आय
व्यावसायिक दुकानों के किराये से प्रत्येक ग्राम पंचायत को हर महीने करीब 30 से 50 हजार रुपये की नियमित आय होने का अनुमान है। इस राशि का उपयोग सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सफाई और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के विकास एवं रखरखाव में किया जाएगा।
इन पंचायतों को मिला पुरस्कार
मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार के तहत ब्रहम्नी को 35 लाख रुपये, छतहुआ को 30 लाख रुपये, जमालपुर रामपुर को 20 लाख रुपये, मोहम्मदपुर को 15 लाख रुपये तथा खरगपुर को 10 लाख रुपये मिले हैं। इसी धनराशि से व्यावसायिक दुकानों का निर्माण कराया जाएगा।
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
नई दुकानों के निर्माण से गांवों के युवाओं और छोटे कारोबारियों को स्थानीय स्तर पर व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिलेगा। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा, ग्रामीण बाजार मजबूत होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।