अमेठी। चंडीगढ़ में कंपनी का माल लेकर डिलीवरी के लिए निकले भेटुआ गांव निवासी शिवनंदन जायसवाल (32) की 14 अगस्त की रात सड़क हादसे में मौत हो गई। रविवार को शव गांव पहुंचा तो पत्नी, मां और बेटियां बिलख उठीं। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के अनुसार शिवनंदन चंडीगढ़ में रहकर टाटा एस मालवाहन चलाते थे। वाहन एक कंपनी में लगा था। 14 अगस्त की रात कंपनी का माल लादकर वह करीब 100 किलोमीटर दूर डिलीवरी के लिए निकले थे। रास्ते में वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। परिवार के लोग चंडीगढ़ पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद रविवार को शव गांव लाए।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
शव रविवार को घर पहुंचते ही पत्नी पिंकी फफक पड़ीं। बेटियां रिद्धि और सिद्धि पिता के शव से लिपटकर बिलखने लगीं। दोनों को रोता देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनकर मां मीरा देवी भी चंडीगढ़ गई थीं। गांव पहुंचने पर बेटे का शव देखते ही वह बेसुध हो गईं। मां और बेटियों को संभालते हुए परिजनों की आंखों से भी आंसू छलक पड़े।