गौरीगंज के भटगवां गाव में कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
अमेठी सिटी। जीवन में सफलता पाने के लिए अच्छे कर्मों के साथ ईश्वर के प्रति विश्वास बनाए रखना जरूरी है। भक्ति मनुष्य को सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है और अच्छे कर्म जीवन को सार्थक बनाते हैं। गौरीगंज के भटगवां गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को वृंदावन से आए प्रवाचक दिनकर दिव्य ने श्रद्धालुओं को भक्ति और कर्म का महत्व बताया।
प्रवाचक ने कहा कि मनुष्य को अपने कर्तव्यों से कभी विमुख नहीं होना चाहिए। केवल ईश्वर से सुख की कामना करने के बजाय अपने आचरण को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए। दूसरों के प्रति दया, विनम्रता और सहयोग का भाव रखना भी भक्ति का ही एक रूप है।
उन्होंने कहा कि मन में अहंकार और ईर्ष्या रखने से व्यक्ति अपने उद्देश्य से भटक जाता है। इसलिए जीवन में सत्य, प्रेम और सदाचार को अपनाना चाहिए। ईश्वर के प्रति विश्वास रखते हुए अपने कर्म करते रहना चाहिए। कथा के दौरान दिलीप कुमार उपाध्याय, अविनाश कुमार, तरुण, सुभाषचंद्र, अनुराग और आशीष आदि मौजूद रहे।