जगदीशपुर। गुप्त नवरात्र के तीसरे दिन भक्तों ने मां त्रिपुर सुंदरी की आराधना पूजा कर सौंदर्य ऐश्वर्य की कामना की। तीसरी महाविद्या मां त्रिपुर सुंदरी को प्रसन्न करने के लिए साधकों ने घरों मे अनुष्ठान कर विधान पूर्वक उपाय, मंत्र जाप सिद्ध कर जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा के संचार की कामना की। मंदिरों में जाकर श्रद्धालुओं ने मां की पूजा-अर्चना कर आराधना की। तंत्र-उपासना और आध्यात्मिक प्रगति का यह अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। यह काल विशेष रूप से सिद्धि प्राप्ति और अंतर्मुखी साधना के लिए श्रेष्ठ होता है।
पंडित आशुतोष पांडेय ने बताया की गुप्त नवरात्र साधना और तंत्र उपासना का विशेष समय माना जाता है। मां त्रिपुर सुंदरी को सौंदर्य, विद्या, प्रेम, आकर्षण और सुख-समृद्धि की देवी माना जाता है। जो भक्त सच्चे मन से इनकी आराधना करता है, उसके जीवन से मानसिक तनाव और नकारात्मकता दूर होती है। उनका कहना था की मां त्रिपुर सुंदरी को श्री विद्या की प्रधान देवी माना गया है। मां तीनों लोको में व्याप्त हैं और साधक को आंतरिक सुंदरता, आत्मविश्वास और संतुलन प्रदान करती हैं। (संवाद)