बाजारशुकुल। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मनुष्य को सत्य, प्रेम, करुणा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मनुष्य को जीवन धन्य करने के लिए प्रभु की भक्ति अटूट विश्वास के साथ करनी चाहिए। प्रभु हर हालात में भक्त की रक्षा करते हैं। ये बातें व्यौरेमऊ गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन प्रवाचक आचार्य महेशदास मिश्र महाराज ने कहीं।
प्रवाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म, अन्याय और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने बताया कि कारागार में श्रीकृष्ण का जन्म यह संदेश देता है कि ईश्वर अपने भक्तों की रक्षा के लिए हर बंधन को तोड़ सकते हैं।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग सुनकर कथा पंडाल नंद के घर आनंद भयो... के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया। जन्मोत्सव की झांकी आकर्षण का केंद्र रही, जिसे देखकर भक्त भाव विभोर हो गए। महिलाएं भक्ति गीतों पर झूमती नजर आईं। इस दौरान प्रताप नारायण सिंह, सुशील शुक्ल, सुरेश श्रीवास्तव, रामचरण यादव, संजय शुक्ल आदि उपस्थित रहे।