अमेठी सिटी। पेट्रोल-डीजल की किल्लत को लेकर फैली अफवाहों ने जिले में हालात बिगाड़ दिए हैं। पेट्रोलपंपों पर बढ़ती भीड़ और लंबी कतारों का असर अब आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई दे रहा है। एंबुलेंस को भी ईंधन भरवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे मरीजों तक समय पर पहुंचने में देरी हो रही है और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टाइम प्रभावित हो रहा है।
दो दिनों में जिले के गौरीगंज, जगदीशपुर क्षेत्र के कमरौली और बाजारशुकुल के ऊंचगांव में तीन एंबुलेंस डीजल के इंतजार में फंसी रहीं। इस दौरान कई मामलों में मरीजों तक पहुंचने में देरी हुई, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई। जिले में संचालित 108 की 31 और 102 की 30 एंबुलेंस को इंडियन ऑयल के पेट्रोलपंपों से ईंधन मिलता है।
मौजूदा स्थिति में एंबुलेंस चालकों को भी आम वाहनों की तरह कतार में लगना पड़ रहा है। एंबुलेंस सेवा के क्षेत्रीय प्रभारी लीलाधर तिवारी ने बताया कि लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद पेट्रोलपंप प्रबंधकों और लखनऊ स्थित अधिकारियों से संपर्क कर समन्वय बनाया गया। इसके बाद किसी तरह फंसी एंबुलेंसों को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराया जा सका।
उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए इंडियन ऑयल को पत्र भेजा गया है, ताकि एंबुलेंस के लिए निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। साथ ही चालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने वाहनों में पहले से पर्याप्त ईंधन रखें, जिससे आपात स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम प्रभावित न हो।
प्रभारी ने आमजन से अपील की है कि पेट्रोलपंपों पर एंबुलेंस को प्राथमिकता दें। हर सेकेंड मरीज के जीवन के लिए महत्वपूर्ण होता है, इसलिए सहयोग से ही आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकता है।