अमेठी। जिले के अलग-अलग ब्लॉकों के उच्च प्राथमिक स्कूलों में तैनात दो सहायक अध्यापकों के पैन कार्ड पर दूसरे जिलों के दो स्कूलों में तैनात शिक्षकों के वेतन लेने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गड़बड़ी सामने आने के तत्काल बाद बीएसए ने दोनों शिक्षकों का वेतन रोकते हुए संबंधित ब्लॉकों के बीईओ को मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित स्कूलों में नियुक्ति के दौरान जानबूझकर की गई गड़बड़ी या बरती गई लापरवाही एक-एक कर सामने आ रही है। अनामिका शुक्ला के नाम व शैक्षिक दस्तावेज पर प्रदेश के 25 जिलों में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अलग-अलग महिलाओं के नौकरी करने के सनसनीखेज खुलासे के बाद अमेठी में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार जिले के तिलोई तहसील के उच्च प्राथमिक स्कूल रमई में तैनात सहायक अध्यापक प्रवीण कुमार यादव व संग्रामपुर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक स्कूल बड़ा नेवादा में तैनात सहायक अध्यापक रमेश कुमार यादव के नाम पर जारी पैनकार्ड पर क्रमश: वाराणसी व गोंडा के स्कूलों में तैनात अलग-अलग शिक्षक वेतन उठा रहे हैं। वाराणसी व गोंडा में तैनात जो अध्यापक जिले में तैनात शिक्षकों के नाम पर वेतन ले रहे हैं उनका नाम व जन्मतिथि भी एक है।
जिन दो शिक्षकों के पैन कार्ड पर दूसरे जिलों में तैनात दो शिक्षक वेतन ले रहे हैं उनमें से प्रवीण कुमार यादव का चयन 2004 तो रमेश कुमार यादव का चयन 2007 में प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक के रूप में हुआ था। चयन के बाद सत्यापन होने के बाद से इन्हें लगातार वेतन व प्रमोशन मिलता रहा।
जिले में तैनात दो शिक्षकों के नाम पर वाराणसी व गोंडा में तैनात शिक्षक भी वेतन उठा रहे हैं यह गड़बड़ी महानिदेशक बेसिक शिक्षा कार्यालय ने पकड़ी। बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि महानिदेशक की ओर से इस संबंध में जानकारी मुहैया कराते ही दोनों शिक्षकों का वेतन रोककर उनसे जवाब तलब करने के साथ ही संबंधित ब्लॉकों के बीईओ को पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है।