बाजारशुकुल (अमेठी)। कस्बे के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। चार लाख रुपये में घायल युवक का इलाज करके ठीक कर देने का वादा किया गया, लेकिन 52 दिन बाद मंगलवार को अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई। युवक के घरवालों और ग्रामीणों ने देर रात अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उनकी शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
बाराबंकी जिले के सुबेहा के पूरे दुर्जन गांव निवासी काशीराम ने बताया कि 20 जुलाई को उनका बेटा विजय कुमार (26) सड़क हादसे में घायल हो गया था। उसके पैर में चोट लगी थी। विजय को उपचार के लिए बाजारशुकुल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने गारंटी के साथ ठीक करने का वादा किया था और चार लाख रुपये जमा करा लिए थे। लंबे इलाज के बाद उसी अस्पताल में मंगलवार को विजय की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि विजय को ऐसी चोट नहीं थी कि उसकी जान चली जाए।
विजय की मौत की सूचना मिलते ही देर रात परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति पर काबू पाया। थानाध्यक्ष अभिनेष कुमार ने बताया कि परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। एसीएमओ डॉ. रामप्रसाद और डिप्टी सीएमओ डॉ. पीके उपाध्याय की टीम गठित की गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
सऊदी से लौटा था, हादसे ने छीना सहारा
विजय कुमार सऊदी अरब में स्टोर कीपर के पद पर कार्यरत था। हादसे से महज एक सप्ताह पहले ही वह घर लौटा था। परिजनों ने सोचा था कि घर का सहारा वापस आया है, लेकिन विजय की मौत ने सब कुछ छीन लिया। पत्नी सोना और चार वर्षीय पुत्र कुणाल का रो-रोकर बुरा हाल है। मां सुनीता और अन्य परिजन भी गमगीन हैं।